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आलेख रत्‍न सांस्‍कृतिक

पहेलियां

परिचय

भारतीय संस्कृति में मानसिक विकास के लिए पहेली पूछना और पहेली बूझना संस्कृति विकास के प्रारंभिक काल से प्रचलन में है । किंतु इंटरनेट और सोशल मीडिया के तामझाम में नए बच्चे ऐसे खो गए हैं कि उनको इस प्रकार की संस्कृति का ज्ञान ही नहीं रह गया है । 

नए दौर में नयापन चाहिए-  

  • आज के बच्चे क्विज हल करना जानते हैं, वीडियो गेम खेलना जानते हैं, किंतुु पारंपरिक पहेलियों की ओर उनका ध्यान नहीं जाता । 
  • नया समय, नया दौर, नए बच्चे नयापन मांगते हैं । पारंपरिकता को यदि नए जमानेेेे तक पहुंचाना हो तो उसमें नयापन लाना होगा । इसी सिद्धांत के आधार पर मैंं आज प्राचीन विधा पहेली को नये परिधान में प्रस्तुत कर रहा हूं । 

पहेली कहते किसे हैं ?

इस बीच हम देखते हैं कि पहेली कहते किसे हैं ? प्रचलित पहेलियां काव्यात्म्म्मक रूप में शब्दों का ऐसा जाल होता है जिसमें उस वस्तु के प्रमुख गुणों को बुना जाता हैै जिससे उसका पहचान हो सके । 

पहेली बुझते कैसे हैं ? 

पहेली बुुझने केे लि पहले दिए गए पहेली को सावधानी पूर्वक बार-बार पढ़ते हैं और उस में उल्लेखित गुणोंं को समझने का प्रयास करते हैं । बार-बार ध्यान देने सेेे उस वस्तु की पहचान हो जाती है । 

प्रस्तुत है मेरे ही द्वारा रचित कुछ नई पहेलियांं- 

पीछा करता कौन वह, जब हों आप प्रकाश ।
तम से जो भय खात है, आय न तुहरे पास ।।
श्वेत बदन अरु शंकु सा, हरे रंग की पूंछ ।
सेहत रक्षक शाक है, सखा पहेली बूझ । 
काष्ठ नहीं पर पेड़ हूँ, बूझो मेरा नाम ।
मेरे फल पत्ते सभी, आते पूजन काम ।। 
बाहर से मैं सख्त हूँ, अंतः मुलायम खोल ।
फल मैं ऊँचे पेड़ का, खोलो मेरी पोल ।। 
कान पकड़ कर नाक पर, बैठा कौन महंत ।
दृष्टि पटल जो खोल कर, कार्य करे ज्यों संत ।। 
तरुण लड़कपन में हरी, और वृद्ध में लाल ।
छोटी लंबी तीक्ष्ण जो, करती खूब कमाल ।। 
फले कटीले वृक्ष पर, जिनकी खोल कठोर । 
बीज गुदे में है गुथे, करे कब्ज को थोर ।। 
-रमेश चौहान

जरा सोचिए, सोचने से मस्तिष्क का व्यायाम होता है । जिस प्रकार शारीरिक व्यायाम शरीर के लिए लाभदायक होता है ठीक उसी प्रकार पहेलियां भी मस्तिष्क के लिए लाभदायक होता है । अंत में इसका उत्तर दूंगा ।‌ अभी कुछ प्रयास कीजिए । ऐसे भी ये पहेलियां अत्यंत सहज सरल और सुलभ है । 

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दिए गए पहेलियों का उत्तर इस प्रकार है-

उत्तर- 1. परछाई 2. मूली 3. केला  4.नारियल 5. चश्मा (ऐनक), 6. मिर्च 7.बेल (बिल्व)