Posted in छंद, साहित्‍य रत्‍न

दीपावली की असीम शुभकामना आपको (वर्ण पंक्ति गीतिका)

दीपावली की असीम शुभकामना आपको

गीतिका छंद-

दीपावली की असीम शुभकामना आपको
दीपावली की असीम शुभकामना आपको
दीप ऐसे हम जलायें, जो सभी तम को हरे ।
 पाप सारे दूर करके, पुण्य केवल मन भरे ।।
 क्ष उर निर्मल करे जो, सद्विचारी ही गढ़े ।
 लीन कर मन ध्येय पथ पर, नित्य नव यश शिश मढ़े ।

 कीजिये कुछ काज ऐसा, देश का अभिमान हो  ।
 श्रु ना छलके किसी का, आज नव अभियान हो ।
 सीख दीपक से सिखें हम, दर्द दुख को मेटना ।
 न पुनित आनंद भर कर, निज बुराई फेेेकना ।।

 शुभ विचारी लोग होंवे, मानवी गुण से भरे ।
 द्र होवे हर सदन अब, मान महिला का करे ।
 काम सबके हाथ में हो, भाग्य का उपकार हो । 
 द रहे ना मन किसी के, एकता संस्कार हो ।।

 नाम होवे देश का अब, देशप्रेमी लोग हो ।
पको अब सब खुशी दे, देश हित सब भोग हो ।
र्व यह दीपावली का, हर्ष सबके मन भरे । 
कोप तज कर मोह तज कर, प्रीत सबसे सब करे 

दोहे-

नाना खुशी बरसावे, जगमग करते  दीप ।
 दीप पर्व की कामना, हर्षित हो मन  मीत ।।

 अंतर मन उजास भरे, जगमग करते दीप ।
 जीवन में सुख शांति दे, दीप पर्व मन मीत ।।
-रमेश चौहान