गज़ल में बहर, तक्तिअ करना, मात्रा गिराने के नियम के साथ

2122 / 2122 / 2122 फाइलातुन/फाइलातुन/फाइलातुन
बहर का नाम=रूकन का नाम+ रूकन के पुनरावृत्ति का नाम+सालिम या मजहूफ
यहॉं रूकन का नाम रमल है, इसकी तीन बार पुनरावृत्ति हुई इसलिये मुसद्दस होगा और मूल रूकन है, इसलिये सालिम, इस प्रकार इस बहर का नाम ‘रमल मुसद्दस सालिम’ होगा ।

दो गजलें

खफा मुहब्बते खुर्शीद औ मनाने से,
फरेब लोभ के अस्काम घर बसाने से ।

इक आदमियत खफा हो चला जमाने से,
इक आफताब के बेवक्त डूब जाने से ।

गज़ल के मूलभूत परिभाषिक शब्‍द उदाहरण सहित (fundamental of gazal)

चाहे आप हिन्‍दी साहित्‍य की बात करें, चाहे उर्दू साहित्‍य की बात करें या फिल्‍मी गानों की या फिर कवि सम्‍मेलनों की ये सारे के सारे क्षेत्र गजल के बिना अधूरे ही लगते हैं ।

गज़ल-या र‍ब जुदा ये तुझसे जमाना तो है नहीं

लगता मुझे तो खुद का इबादत ही ढोंग सा
अपना भी कोई खास निशाना तो है नहीं