Posted in छंद, साहित्‍य रत्‍न

मतगयंद सवैया-“सुंदर से अति सुंदर श्यामा”

मतगयंद सवैया-

भारतीय छंद विधा में सवैया का अपना विशेष महत्व होता है । अनेक कवियों ने सवैया में अपनी रचनाएं किये हैं । इसमें दो प्रसिद्ध रचनाओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा । एक नरोतम दास की प्रसिद्ध रचना सुदामा चरित-

शीश पगा न झगा तन में प्रभु जाने को आहि बसे केहि ग्रामा

दूसरा बाबा तुलसीदास के हनुमान अष्टक-

को नहीं जानत है जग में प्रभु संकट मोचन नाम तिहारो

यह दोनों ही उदाहरण मतगयंद सवैया से हैं । मतगयंद सवैया में चार पद होते हैं, प्रत्येक पद में सात भगन (गुरु लघु लघु-211) के बाद दो गुरु आता है और चारों पद के अंत में समतुकांत होता है।

इसी मतगयंद सवैया पर मैंने भी प्रयास किया है । अपने इस प्रयास को आपके समक्ष प्रस्तुत करते हुए आपके सुझावों की कामना करता हूं-

सुंदर से अति सुंदर श्यामा (मत्तगयंद सवैया)

सुंदर केशव की छबि सुंदर, सुंदर केश किरीटहि सुंदर
सुंदर कर्णहि कुण्डल सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।
सुंदर मस्तक चंदन सुंदर, सुंदर घ्राण कपोलहि सुंदर ।
सुंदर लोचन भौं अति सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर मोहन का मुख सुंदर, सुंदर ओष्ठ हँसी अति सुंदर
सुंदर भाषण बोलिय सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।
सुंदर गर्दन सुंदर भूषण, सुंदर है पट अम्बर सुंदर ।
सुंदर है उर बाहुहि सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर माधव का पग सुंदर, सुंदर है चलना गति सुंदर ।
सुंदर ठाड़ भये अति सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर है मुरली मुख सुंदर, सुंदर नृत्यहि प्रीतहि सुंदर ।
सुंदर संगत रंगत सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर गोकुल ब्रज सुंदर, सुंदर है यमुना जल सुंदर ।
सुंदर गोप सखा सखि सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर हैं गउवें रज सुंदर, सुंदर पालन धावन सुंदर ।
सुंदर खेलहि मेलहि सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर कृष्णहि सृष्टिहि सुंदर, सुंदर लालन पालन सुंदर ।
सुंदर मारन धावन सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
सुंदर कृष्ण दयानिधि सुंदर, सुंदर कारज मारग सुंदर ।
सुंदर है चरित्र तन सुंदर, सुंदर से अति सुंदर श्यामा ।।
-रमेश चौहान

Author:

A Hindi content writer.A article writer, script writer, lyrics or song writer and Hindi poet. Specially write Indian Chhand, Navgeet, rhyming and nonrhyming poem, in poetry. Articles on various topics. Especially on Ayurveda, Astrology, and Indian Culture. Educated based on Guru-Shishya tradition on Ayurveda, astrology and Indian culture.

4 thoughts on “मतगयंद सवैया-“सुंदर से अति सुंदर श्यामा”

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